इमरसीफंड:एक एैसा फंड जो आपको अपने ईमर्जेंसी के दौरान बहुत राहत दे सकता है। 6 रूल को अपनाके आप अपने इमर्जेंसी जैसे मुसीबतों से निजात पा सकते है।

दोस्तों मुसीबतकभी बोलके नहीं आती। वित्तीय संकटों से निपटने के लिए हमे हमेशा अपने पैसों को मैनेज करना चाहिए। उस मुसीबतों से निजात पाने के लिए एक इमर्जेंसी फंड जरूर बनाना चाहिए। इमर्जेंसी फंड का 6 रूल अपनाके आप एक अच्छा खास इमर्जेंसी फंड इकठ्ठा कर सकते है।

क्या है इमर्जेंसी फंड

अपने रोजमर्या की जरूरतों में खर्चा करने के बाद जो अमाउंट बचा जाता है उस आप इमर्जेंसी फंड में रख सकते है।

इमर्जेंसी फंड को हमेशा इमर्जेंसी में ही खर्च करना चाहिए। इस फंड में कोई ब्याज नही मिलता।

अगर आपको जरूरतों में जैसे, शॉपिंग, खानपान , और दूसरे चीजों में खर्च करना हो तो आप एक सविंग्स फंड ओपन कर सकते है। इस फंड में ब्याज भी मिलता है।

इमर्जेंसी फंड बनाने का सही तरीका

अपने रोज मर्या की जरूरतों को पूरा करने के बाद जो अमाउंट बच जाता है उसका कुछ हिस्सा इमर्जेंसी फंड में रखना चाहिए। जो चीज जरूरी नही उसपर कभी भी खर्च नही करना है। मोटामोटि कहे तो फिजूल खर्चों से हमेशा बचना चाहिए, जिससे एक अच्छा खासा रकम बचाया जा सकता है।

इमर्जेंसी फंड में एक फिक्स अमाउंट तय करना होता है।

उस तय किये हुए अमाउंट को हर निर्धारित समय पर जमा करना होता है।

बचत करने के लिए हमेशा प्लानिंग और बजट का होना बहुत जरूरी है। जो ज्यादा जरूरी नही है उस चीजों पर बिल्कुल खर्च नही करना चाहिए। फिजूल खर्चों से बचना चाहिए।

अगर आपका इमर्जेंसी फंड के खाते में औटो डिडक् वाला मेथोड है तो आपको टेंशन लेने की जरूरत नही है। आपको फिजिकलि जाके पैसे जमा करना नही पड़ेगा। हर निर्धारित समय पर औटोमेटिक् जमा होता रहेगा।

अपने इमर्जेंसी फंड में ज्यादा से ज्यादा जमा कर पाए इसक लिए अपने पैसों को आप कांतिजेंसी फंड में भी डाल सकते है।

इमर्जेंसी फंड को कहाँ खर्च करें और कहाँ नही

इमर्जेंसी फंड को शॉपिंग, टूर् पर जाना, किसी और जगह पर निवेश करना, और रोज मर्या की जरूरतों आदि में कभी भी खर्च नही करना चाहिए। से सिर्फ और सिर्फ इमर्जेंसी में ही खर्च करना चाहिए।

कितना होना चाहिए एकाउंट में इमर्जेंसी फंड

इमर्जेंसी फंड 6 महीने जितना होना चाहिए । यह रकम कमसे कम 50 हजार से लेकर 1 लाख के बीच होना चाहिए। यह रकम सैलरी वालों के लिए परफेक्ट है। सेल्फ इंप्लोये या छोटा मोटा कराबारी के लिए फंड का रकम इससे ज्यादा होना चाहिए।

इमर्जेंसी फंड के एकाउंट में 6 महीने का फंड का होना बहुत जरूरी है। कोई भी परिस्थिति हो जैसे नौकरी का चला जन, बिजनेस में लॉस होना, अचानक से इंकाॅम सौर्स का बंद होना जैसे परीस्थितिओँ में यह फंड काम आ सकता है।

कहाँ नही करना है इस फंड का प्रयोग

कोई EMI देना, कही पे घूमने जाना, कोई प्रेमीयम भुगतान करना, आदि में खर्च नही करना चाहिए।

इमर्जेंसी फंड को घर में भी रखा जा सकता है, पर ये ज्यादा सुरक्षित नही होगा। अगर मेरी सलाह माने तो इसे बैंक में ही रखना बेहतर है। बैंक मे सौ प्रतिशद् सुरक्षित रहेगा।

अगर इमर्जेंसी फंड नही है तो क्या करें

अगर आपके पास इमर्जेंसी फंड नही है तो आप ज्वैलरी को गिरवी रखकर भी फंड जुटा सकते है। इसक लिए बैंकों से या बहुत सारा एैसे फाइनेंस कंपनी है जहाँसे आप बहुत ही का ब्याज पर गोल्ड लोन ले सकते है। इसक इलावा बैंकों से पर्सनल लोन भी ले सकते है।

इमर्जेंसी फंड को कही और निवेश कर सकते है क्या?

इस फंड को कही और प्लेटफॉर्म में निवेश नही करना है। क्युकी इस फंड को इमर्जेंसी के वक्त के लिए ही जमा किया जाता है और इसे इमर्जेंसी में ही खर्च करना है।

कंक्लूजन्:

उपर के लेखा में हमन इमर्जेंसी फंड के बारे में विस्तार पूर्वक वर्णन किया है। किस तरह से बचत करना है, किस तरह से फंड जुटाना है, फंड को कहा पे खर्च करना है और कहा नही, पुरा जानकारी आपके समक्ष रखा है। आशा करता हु कि इस लेख से आपको कुछ ना कुछ लाभ जरूर होगा।

धन्यबाद

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